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    सूरए हज, आयतें 72-76, (कार्यक्रम 605)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की आयत क्रमांक 72 की तिलावत सुनें। وَإِذَا تُتْلَى عَلَيْهِمْ آَيَاتُنَا بَيِّنَاتٍ تَعْرِفُ فِي وُجُوهِ الَّذِينَ كَفَرُوا الْمُنْكَرَ يَكَادُونَ يَسْطُونَ بِالَّذِينَ يَتْلُونَ عَلَيْهِمْ آَيَاتِنَا قُلْ أَفَأُنَبِّئُكُمْ بِشَرٍّ مِنْ ذَلِكُمُ النَّارُ وَعَدَهَا اللَّهُ الَّذِينَ كَفَرُوا وَبِئْسَ الْمَصِيرُ (72) और (हे पैग़म्बर!) जब उनके समक्ष हमारी स्पष्ट आयतें पढ़ी जाती […]

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    सूरए हज, आयतें 66-71, (कार्यक्रम 604)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की आयत क्रमांक 67 की तिलावत सुनें। لِكُلِّ أُمَّةٍ جَعَلْنَا مَنْسَكًا هُمْ نَاسِكُوهُ فَلَا يُنَازِعُنَّكَ فِي الْأَمْرِ وَادْعُ إِلَى رَبِّكَ إِنَّكَ لَعَلَى هُدًى مُسْتَقِيمٍ (67) हमने हर समुदाय के लिए उपासना की एक शैली निर्धारित कर दी है जिसका पालन वे करते हैं। तो (हे पैग़म्बर!) इस मामले […]

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    सूरए हज, आयतें 63-66, (कार्यक्रम 603)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की आयत क्रमांक 63 और 64 की तिलावत सुनें। أَلَمْ تَرَ أَنَّ اللَّهَ أَنْزَلَ مِنَ السَّمَاءِ مَاءً فَتُصْبِحُ الْأَرْضُ مُخْضَرَّةً إِنَّ اللَّهَ لَطِيفٌ خَبِيرٌ (63) لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ وَإِنَّ اللَّهَ لَهُوَ الْغَنِيُّ الْحَمِيدُ (64) क्या तुमने देखा नहीं कि ईश्वर ने आकाश से पानी […]

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    सूरए हज, आयतें 58-62, (कार्यक्रम 602)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की आयत क्रमांक 58 और 59 की तिलावत सुनें। وَالَّذِينَ هَاجَرُوا فِي سَبِيلِ اللَّهِ ثُمَّ قُتِلُوا أَوْ مَاتُوا لَيَرْزُقَنَّهُمُ اللَّهُ رِزْقًا حَسَنًا وَإِنَّ اللَّهَ لَهُوَ خَيْرُ الرَّازِقِينَ (58) لَيُدْخِلَنَّهُمْ مُدْخَلًا يَرْضَوْنَهُ وَإِنَّ اللَّهَ لَعَلِيمٌ حَلِيمٌ (59) और जिन लोगों ने ईश्वर के मार्ग में घर-बार छोड़ा (और) फिर […]

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    सूरए हज, आयतें 52-57, (कार्यक्रम 601)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की 52वीं आयत की तिलावत सुनें। وَمَا أَرْسَلْنَا مِنْ قَبْلِكَ مِنْ رَسُولٍ وَلَا نَبِيٍّ إِلَّا إِذَا تَمَنَّى أَلْقَى الشَّيْطَانُ فِي أُمْنِيَّتِهِ فَيَنْسَخُ اللَّهُ مَا يُلْقِي الشَّيْطَانُ ثُمَّ يُحْكِمُ اللَّهُ آَيَاتِهِ وَاللَّهُ عَلِيمٌ حَكِيمٌ (52) और (हे पैग़म्बर!) हमने आपसे पहले कोई ऐसा रसूल और नबी नहीं भेजा कि […]

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    सूरए हज, आयतें 46-51, (कार्यक्रम 600)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की 46वीं आयत की तिलावत सुनें। أَفَلَمْ يَسِيرُوا فِي الْأَرْضِ فَتَكُونَ لَهُمْ قُلُوبٌ يَعْقِلُونَ بِهَا أَوْ آَذَانٌ يَسْمَعُونَ بِهَا فَإِنَّهَا لَا تَعْمَى الْأَبْصَارُ وَلَكِنْ تَعْمَى الْقُلُوبُ الَّتِي فِي الصُّدُورِ (46) क्या वे धरती में चले-फिरे नहीं है कि उनके दिल होते जिनसे वे समझते या (कम से कम) […]

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    सूरए हज, आयतें 39-45, (कार्यक्रम 599)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की 39वीं और 40वीं आयतों की तिलावत सुनें। أُذِنَ لِلَّذِينَ يُقَاتَلُونَ بِأَنَّهُمْ ظُلِمُوا وَإِنَّ اللَّهَ عَلَى نَصْرِهِمْ لَقَدِيرٌ (39) الَّذِينَ أُخْرِجُوا مِنْ دِيَارِهِمْ بِغَيْرِ حَقٍّ إِلَّا أَنْ يَقُولُوا رَبُّنَا اللَّهُ وَلَوْلَا دَفْعُ اللَّهِ النَّاسَ بَعْضَهُمْ بِبَعْضٍ لَهُدِّمَتْ صَوَامِعُ وَبِيَعٌ وَصَلَوَاتٌ وَمَسَاجِدُ يُذْكَرُ فِيهَا اسْمُ اللَّهِ كَثِيرًا وَلَيَنْصُرَنَّ اللَّهُ […]

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    सूरए हज, आयतें 35-38, (कार्यक्रम 598)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की पैंतीसवीं आयत की तिलावत सुनें। الَّذِينَ إِذَا ذُكِرَ اللَّهُ وَجِلَتْ قُلُوبُهُمْ وَالصَّابِرِينَ عَلَى مَا أَصَابَهُمْ وَالْمُقِيمِي الصَّلَاةِ وَمِمَّا رَزَقْنَاهُمْ يُنْفِقُونَ (35) ये वे लोग है कि जब ईश्वर को याद किया जाता है तो उनके दिल दहल जाते है और जो मुसीबत उन पर आती है उस […]

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    सूरए हज, आयतें 30-34, (कार्यक्रम 597)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की तीसवीं आयत की तिलावत सुनें। ذَلِكَ وَمَنْ يُعَظِّمْ حُرُمَاتِ اللَّهِ فَهُوَ خَيْرٌ لَهُ عِنْدَ رَبِّهِ وَأُحِلَّتْ لَكُمُ الْأَنْعَامُ إِلَّا مَا يُتْلَى عَلَيْكُمْ فَاجْتَنِبُوا الرِّجْسَ مِنَ الْأَوْثَانِ وَاجْتَنِبُوا قَوْلَ الزُّورِ (30) (हज के) इन (संस्कारों) का ध्यान रखो और जो कोई ईश्वर द्वारा निर्धारित वर्जनाओं को बड़ा समझे […]

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    सूरए हज, आयतें 26-29, (कार्यक्रम 596)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की छब्बीसवीं आयत की तिलावत सुनें। وَإِذْ بَوَّأْنَا لِإِبْرَاهِيمَ مَكَانَ الْبَيْتِ أَنْ لَا تُشْرِكْ بِي شَيْئًا وَطَهِّرْ بَيْتِيَ لِلطَّائِفِينَ وَالْقَائِمِينَ وَالرُّكَّعِ السُّجُودِ (26) और (हे पैग़म्बर!) याद कीजिए उस समय को जब हमने इब्राहीम के लिए (ईश्वर के) घर का स्थान उपलब्ध कराया (और उन्हें आदेश दिया) कि […]

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    सूरए हज, आयतें 22-25, (कार्यक्रम 595)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की बाईसवीं आयत की तिलावत सुनें। كُلَّمَا أَرَادُوا أَنْ يَخْرُجُوا مِنْهَا مِنْ غَمٍّ أُعِيدُوا فِيهَا وَذُوقُوا عَذَابَ الْحَرِيقِ (22) जब कभी वे घबराकर और दुख के कारण नरक से निकलना चाहेंगे तो उसी में लौटा दिए जाएँगे और (उनसे कहा जाएगा) दहकती हुई आग के दंड (का स्वाद) […]

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    सूरए हज, आयतें 17-21, (कार्यक्रम 594)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की सत्रहवीं आयत की तिलावत सुनें। إِنَّ الَّذِينَ آَمَنُوا وَالَّذِينَ هَادُوا وَالصَّابِئِينَ وَالنَّصَارَى وَالْمَجُوسَ وَالَّذِينَ أَشْرَكُوا إِنَّ اللَّهَ يَفْصِلُ بَيْنَهُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ إِنَّ اللَّهَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ شَهِيدٌ (17) निश्चित रूप से जो लोग ईमान लाए उनके और जो यहूदी हुए और साबेई और ईसाई तथा मजूस अर्थात […]

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    सूरए हज, आयतें 12-16, (कार्यक्रम 593)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की बारहवीं और तेरहवीं आयतों की तिलावत सुनें। يَدْعُو مِنْ دُونِ اللَّهِ مَا لَا يَضُرُّهُ وَمَا لَا يَنْفَعُهُ ذَلِكَ هُوَ الضَّلَالُ الْبَعِيدُ (12) يَدْعُو لَمَنْ ضَرُّهُ أَقْرَبُ مِنْ نَفْعِهِ لَبِئْسَ الْمَوْلَى وَلَبِئْسَ الْعَشِيرُ (13) वह ईश्वर को छोड़ कर उस (वस्तु) को पुकारता है जो न तो उसे […]

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    सूरए हज, आयतें 7-11, (कार्यक्रम 592)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की सातवीं आयत की तिलावत सुनें। وَأَنَّ السَّاعَةَ آَتِيَةٌ لَا رَيْبَ فِيهَا وَأَنَّ اللَّهَ يَبْعَثُ مَنْ فِي الْقُبُورِ (7) और यह कि प्रलय की घड़ी आने वाली है कि जिसमें कोई सन्देह नहीं है। और ईश्वर उन सभी को (जीवित करके) उठाएगा जो क़ब्रों में है। (22:7) इससे […]

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    सूरए हज, आयतें 1-6, (कार्यक्रम 591)

    Rate this post आइये पहले सूरए हज की पहली और दूसरी आयतों की तिलावत सुनें। بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ يَا أَيُّهَا النَّاسُ اتَّقُوا رَبَّكُمْ إِنَّ زَلْزَلَةَ السَّاعَةِ شَيْءٌ عَظِيمٌ (1) يَوْمَ تَرَوْنَهَا تَذْهَلُ كُلُّ مُرْضِعَةٍ عَمَّا أَرْضَعَتْ وَتَضَعُ كُلُّ ذَاتِ حَمْلٍ حَمْلَهَا وَتَرَى النَّاسَ سُكَارَى وَمَا هُمْ بِسُكَارَى وَلَكِنَّ عَذَابَ اللَّهِ شَدِيدٌ (2) अल्लाह के […]

  • क़ुरआन से कुछ सवाल जवाब
    3 (60%) 2 vote[s]

    क़ुरआन से कुछ सवाल जवाब

    क़ुरआन से कुछ सवाल जवाब3 (60%) 2 vote[s]  सवालः- आयते ततहीर किस सूरे में है? जवाबः- सूर-ए-अहज़ाब आयत न. 33 सवालः- आयते विलायत किस सूरे में है? जवाबः- सूर-ए-मायदा आयत न. 55 सवालः- ياا يها الرسول بلغ ما انزل اليك من ربك किस सूरे की आयत है? जवाबः- सूर-ए- मायदा आयत न. 67 सवालः- आयते मुबाहेला किस सूरे में है? जवाबः- […]

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    इस्लामी समाज में कुरआन की भूमिका

    Rate this post एक बार की बात है कि एक गांव में एक ग़रीब लकड़हारा रहता था, वह प्रतिदिन जंगल से लकड़ी काट कर लाता और उन्हें बेचकर अपना और अपने परिवार का पेट पालता था। लकड़हारा बहुत गरीब लेकिन ईमानदार, दयालु और अच्छे चरित्र वाला आदमी था। वह हमेशा दूसरों के काम आता और […]

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    सूरए अम्बिया, आयतें 109-112, (कार्यक्रम 590)

    Rate this post आइये पहले सूरए अम्बिया की 109वीं आयत की तिलावत सुनें। فَإِنْ تَوَلَّوْا فَقُلْ آَذَنْتُكُمْ عَلَى سَوَاءٍ وَإِنْ أَدْرِي أَقَرِيبٌ أَمْ بَعِيدٌ مَا تُوعَدُونَ (109) तो (हे पैग़म्बर!) यदि वे (आपके निमंत्रण से) मुँह मोड़ लें तो (उनसे) कह दीजिए कि मैंने तुम सबको समान रूप से सचेत कर दिया है और मुझे […]

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    सूरए अम्बिया, आयतें 105-108, (कार्यक्रम 589)

    Rate this post   आइये पहले सूरए अम्बिया की 105वीं आयत की तिलावत सुनें। وَلَقَدْ كَتَبْنَا فِي الزَّبُورِ مِنْ بَعْدِ الذِّكْرِ أَنَّ الْأَرْضَ يَرِثُهَا عِبَادِيَ الصَّالِحُونَ (105) और निश्चित रूप से हमने (तौरैत के बाद) ज़बूर में भी लिख दिया कि धरती के उत्तराधिकारी मेरे अच्छे बन्दे ही होंगे। (21:105) इससे पहले की आयतों में […]

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    सूरए अम्बिया, आयतें 100-104, (कार्यक्रम 588)

    Rate this post   आइये पहले सूरए अम्बिया की 100वीं आयत की तिलावत सुनें। لَهُمْ فِيهَا زَفِيرٌ وَهُمْ فِيهَا لَا يَسْمَعُونَ (100) नरक में अनेकेश्वरवादी हृदय विदारक चीत्कार करेंगे और कुछ भी नहीं सुन पाएंगे। (21:100) इससे पहले की आयतों में प्रलय में अनेकेश्वरवादियों की स्थिति की ओर संकेत किया गया था। यह आयत कहती […]

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