islamic-sources

  • ALL
    E-Books
    Articles

    date

    1. date
    2. title
    • तफ़्सीर बिर्राय के ख़तरात
      Rate this post

      तफ़्सीर बिर्राय के ख़तरात

      तफ़्सीर बिर्राय के ख़तरातRate this post हमारा अक़ीदह है कि क़ुरआने करीम के लिए सब से ख़तरनाक काम अपनी राय के मुताबिक़ तफ़्सीर करना है।इस्लामी रिवायात में जहाँ इस काम को गुनाहे कबीरा से ताबीर किया गया है वहीँ यह काम अल्लाह की बारगाह से दूरी का सबब भी बनता है। एकहदीस में बयान हुआ […]

    • इंसान के जीवन पर क़ुरआने करीम के प्रभाव
      Rate this post

      इंसान के जीवन पर क़ुरआने करीम के प्रभाव

      इंसान के जीवन पर क़ुरआने करीम के प्रभावRate this post लेखक- डा. रज़ाई अनुवादक- सैय्यद क़मर ग़ाज़ी क़ुरआने करीम विभिन्न प्रकार से इंसान के जीवन को प्रभावित करता है। जैसे क़राअत, हिफ़्ज़, फ़ह्म और अमल के द्वारा यह प्रभाव इंसान के व्यक्तिगत और समाजिक दोनो जीवनों पर पड़ता है।यहाँ पर हम इन प्रभावों का संक्षेप […]

    • एक से ज़्यादा शादियाँ
      Rate this post

      एक से ज़्यादा शादियाँ

      एक से ज़्यादा शादियाँRate this post मौजूदा ज़माने का सबसे गर्म विषय एक से ज़्यादा शादियाँ करने का मसला है। जिसे बुनियाद बना कर पच्छिमी दुनिया ने औरतों को इस्लाम के ख़िलाफ़ ख़ूब इस्तेमाल किया है और मुसलमान औरतों को भी यह यक़ीन दिलाने की कोशिश की है कि एक से ज़्यादा शादियों का क़ानून […]

    • क़ुरआन ख़ैरख्वाह और नसीहत करने वाला है
      Rate this post

      क़ुरआन ख़ैरख्वाह और नसीहत करने वाला है

      क़ुरआन ख़ैरख्वाह और नसीहत करने वाला हैRate this post ईमाम अली (अ.स.) फ़रमाते हैं : लोगों! क़ुरआन के जमा करने वालों और पैरोकारों में से हो जाओ और उस को अपने परवरदिगार के लिये दलील क़रार दो। अल्लाह को उस के कलाम के पहचानों। परवरदिगार के औसाफ़ को क़ुरआन के ज़रिए पहचानों क़ुरआन ऐसा राहनुमा […]

    • क़ुरआन तथा पश्चाताप जैसी महान समस्या 5
      Rate this post

      क़ुरआन तथा पश्चाताप जैसी महान समस्या 5

      क़ुरआन तथा पश्चाताप जैसी महान समस्या 5Rate this post पुस्तकः पश्चाताप दया की आलिंग्न लेखकः आयतुल्ला अनसारीयान   3- पश्चाताप की स्वीकृति जिस समय जब कोई अपराधी अथवा दोषी व्यक्ति पश्चाताप के बारे मे ईश्वर की आज्ञा का पालन करता है तथा पश्चाताप की सभी शर्तो पर अमल करता है, और पश्चाताप से समबंधित क़ुरआन […]

    • क़ुरआने करीम से वाबस्तगी बेनियाज़ी का बाइस है
      Rate this post

      क़ुरआने करीम से वाबस्तगी बेनियाज़ी का बाइस है

      क़ुरआने करीम से वाबस्तगी बेनियाज़ी का बाइस हैRate this post इसी ख़ुत्बे में हज़रत (अ.स.) इर्शाद फ़रमाते हैं>: “यक़ीन करो क़ुरआने करीम ऐसा नसीहत करने वाला और मौऐज़ा करने वाला है जो अपने पैरोंकारों से ख़्यानत नहीं करता ऐसा हादी है जो गुमराह नहीं करता ऐसा कलाम करने वाला है जो झूट नहीं बोलता और […]

    • क़ुरआने मजीद में मोहकम व मुतशाबेह मौजूद है
      Rate this post

      क़ुरआने मजीद में मोहकम व मुतशाबेह मौजूद है

      क़ुरआने मजीद में मोहकम व मुतशाबेह मौजूद हैRate this post ख़ुदा वंदे तआला अपने कलामे मजीद में फ़रमाता है: क़ुरआन ऐसी किताब है जिसकी आयात बहुत मोहकम (पुख़्ता, सिक़ह) हैं। सूरह हूद आयत 1 और फिर फ़रमाता है: अल्लाह तआला ने बेहतरीन बात (अल्फ़ाज़, क़ुरआन) नाज़िल फ़रमाई है जिसकी आयात आपस में मुशाबेह और शबीह […]

    • क़ुरआने मजीद के अल्फ़ाज़ की तफ़सीर, उस की शुरुवात और तरक़्क़ी
      Rate this post

      क़ुरआने मजीद के अल्फ़ाज़ की तफ़सीर, उस की शुरुवात और तरक़्क़ी

      क़ुरआने मजीद के अल्फ़ाज़ की तफ़सीर, उस की शुरुवात और तरक़्क़ीRate this post क़ुरआने मजीद के अल्फ़ाज़ व इबारात और बयानात की तफ़सीर उस के नाज़िल होने के ज़माने से ही शुरु गो गई थी और ख़ुद पैग़म्बरे अकरम (स) क़ुरआन की तालीम उस के मअनों के बयानात और आयतों के मक़सद की वज़ाहत किया […]

    • क़ुरआने मजीद और औरतें
      Rate this post

      क़ुरआने मजीद और औरतें

      क़ुरआने मजीद और औरतेंRate this post क़ुरआने मजीद और औरतें 1 बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम इस्लाम में औरतों के मौज़ू पर ग़ौर करने से पहले इस नुक्ता को पेशे नज़र रखना ज़रूरी है कि इस्लाम ने इन अफ़कार का मुज़ाहिरा उस वक़्त किया है जब बाप अपनी बेटी को ज़िन्दा दफ़्न कर देता था। और उस जल्लादीयत को […]

    • क़ुरआन और सदाचार
      Rate this post

      क़ुरआन और सदाचार

      क़ुरआन और सदाचारRate this post लेखक- सैय्यद वजीह अकबर ज़ैदी अवनुवादक- कमरगाज़ी इस में कोई शक नही है कि सदाचार हर समय में महत्वपूर्ण रहा हैं। परन्तु वर्तमान समय में इसका महत्व कुछ अधिक ही बढ़ गया है। क्योँकि वर्तमान समय में इंसान को भटकाने और बिगाड़ने वाले साधन पूर्व के तमाम ज़मानों से अधिक […]

    • पैग़मबरे अकरम (स) और आईम्मा (अ) के बयानात के हुज्जत होने के मअना
      Rate this post

      पैग़मबरे अकरम (स) और आईम्मा (अ) के बयानात के हुज्जत होने के मअना

      पैग़मबरे अकरम (स) और आईम्मा (अ) के बयानात के हुज्जत होने के मअनाRate this post क़ुरआन मजीद के अपने सबूत के मुताबिक़ पैग़म्बरे अकरम (स) और आप के अहले बैत (अ) का बयान जैसा कि पिछले बाबों में आया है क़ुरआनी आयात की तफ़सीर में हुज्जत रखता है। यह हुज्जत पैग़म्बरे अकरम (स) और आईम्म […]

    • क़ुरआन तथा पश्चाताप जैसी महान समस्या 4
      Rate this post

      क़ुरआन तथा पश्चाताप जैसी महान समस्या 4

      क़ुरआन तथा पश्चाताप जैसी महान समस्या 4Rate this post पुस्तक का नामः पश्चाताप दया की आलिंग्न लेखकः आयतुल्ला अनसारियान   فَمَن تَابَ مِن بَعْدِ ظُلْمِهِ وَأَصْلَحَ فَإِنَّ اللّهَ يَتُوبُ عَلَيْهِ إِنَّ اللّهَ غَفُورٌ رَحِيمٌ    फंमन ताबा मिन बादे ज़ुलमेहि वअसलहा फ़इन्नल्लाहा यतूबो अलैहे इन्नल्लाहा ग़फ़ूरुर्रहीम[1] जो व्यक्ति अत्याचार के पश्चात पश्चाताप कर ले तथा […]

    • इंसान के जीवन पर क़ुरआने करीम के प्रभाव
      Rate this post

      इंसान के जीवन पर क़ुरआने करीम के प्रभाव

      इंसान के जीवन पर क़ुरआने करीम के प्रभावRate this post क़ुरआने करीम विभिन्न प्रकार से इंसान के जीवन को प्रभावित करता है। जैसे क़राअत, हिफ़्ज़, फ़ह्म और अमल के द्वारा यह प्रभाव इंसान के व्यक्तिगत और समाजिक दोनो जीवनों पर पड़ता है।यहाँ पर हम इन प्रभावों का संक्षेप में उल्लेख कर रहे हैं। इंसान के […]

    • हर मुश्किल का हल क़ुरआने मजीद
      Rate this post

      हर मुश्किल का हल क़ुरआने मजीद

      हर मुश्किल का हल क़ुरआने मजीदRate this post अमीरुल मोमिनीन अलैहिस्सलाम सारी मुश्किलों का हल क़ुरआने मजीद को बताते हैं और उसके बारे में फ़रमाते हैं किः- “तुमाहारे दर्द की दवा, तुम्हारी मुश्किलों का हल और तुम्हारे कामों और मामलों का ज़रिया क़ुरआन है।” क़ुरआन ऐसी शिफ़ा देने वाली दवा है जो तमाम बीमारियों का […]

    • क़ुरआन नहजुल बलाग़ा के आईने में-1
      Rate this post

      क़ुरआन नहजुल बलाग़ा के आईने में-1

      क़ुरआन नहजुल बलाग़ा के आईने में-1Rate this post लेख:मुहम्मद फ़ूलादी अनुवाद : सैयद नजमुल हसन नक़वी (यह मक़ाला हज़रत आयतुल्लाह मिस्बाह यज़दी और “क़ुरआन और आईन ए नहजुल बलाग़ा ”से एक इन्तेख़ाब है) (1) क़ुरआने करीम की अहमियत व मौक़ेईयत: इस वक्त क़ुरआन करीम ही एक आसमानी किताब है जो इन्सान की दस्तरस में है। […]

    • इस्लामी समाज में कुरआन की भूमिका
      Rate this post

      इस्लामी समाज में कुरआन की भूमिका

      इस्लामी समाज में कुरआन की भूमिकाRate this post एक बार की बात है कि एक गांव में एक ग़रीब लकड़हारा रहता था, वह प्रतिदिन जंगल से लकड़ी काट कर लाता और उन्हें बेचकर अपना और अपने परिवार का पेट पालता था। लकड़हारा बहुत गरीब लेकिन ईमानदार, दयालु और अच्छे चरित्र वाला आदमी था। वह हमेशा […]

    • क़ुरआन मजीद और समाज सुधार
      Rate this post

      क़ुरआन मजीद और समाज सुधार

      क़ुरआन मजीद और समाज सुधारRate this post तमाम किस्म की हम्द‍ ओ‍ सना उस रब्बुल आलमीन के लिए लायक़-ओ-ज़ेबा है, जिसने हम को पैदा किया और हमारी हिदायत-ओ-रहनुमाई के लिए अंबिया-ए-किराम अलैहिस्सलाम को भेजा। ज़िन्दगी गुज़ारने, मआशरा की इस्लाह और फ़लाह-ओ-बहबूदी के लिए क़ुरआन को नाज़िल फ़रमाया। इसी कलाम ए पाक में इरशाद है: हम […]

    • कुरआन की फ़साहत व बलाग़त
      Rate this post

      कुरआन की फ़साहत व बलाग़त

      कुरआन की फ़साहत व बलाग़तRate this post अल्लाह के पवित्र कुरआन मजीद, और प्रसिद्ध ग्रंथ एक ज्ञान व हुनर, फ़िक्री व अक़ली, मददी व मानबी के व्यतीत एक आसमानी मोज़ेज़ा भी है, क्योंकी कुरआन मजीद बूलन्द ध्वनी के साथ जनसाधारण को अमंत्रन किया है. कि हमारे उदाहरण एक पवित्र कुरआन को ले आएं, इस का […]

    • क़ुरआने करीम हर दौर की दवा है
      Rate this post

      क़ुरआने करीम हर दौर की दवा है

      क़ुरआने करीम हर दौर की दवा हैRate this post हज़रत तमाम मुशकिलात के हल के लिये क़ुरआने करीम का तआरुफ़ फ़रमाते हैं। क़ुरआन ही वह शफ़ा बख़्श दवा है जो तमाम दर्दों का दरमान और परेशानियों के लिये मरहम है। अलबत्ता यह वाज़ेह है कि दर्द की शिनाख्त और अहसास के बग़ैर इलाज या दरमान […]

    • क़ुरआन से कुछ सवाल जवाब
      Rate this post

      क़ुरआन से कुछ सवाल जवाब

      क़ुरआन से कुछ सवाल जवाबRate this post  सवालः- आयते ततहीर किस सूरे में है? जवाबः- सूर-ए-अहज़ाब आयत न. 33 सवालः- आयते विलायत किस सूरे में है? जवाबः- सूर-ए-मायदा आयत न. 55 सवालः- ياا يها الرسول بلغ ما انزل اليك من ربك किस सूरे की आयत है? जवाबः- सूर-ए- मायदा आयत न. 67 सवालः- आयते मुबाहेला किस सूरे में है? जवाबः- सूर-ए-आलि […]

    more