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    तफ़सीर का इल्म और मुफ़स्सेरीन के तबक़ात

    Rate this post पैग़म्बरे अकरम (स) की वफ़ात के बाद कुछ सहाबा जैसे ऊबई बिन काब, अब्दुल्लाह बिन मसऊद, जाबिर बिन अब्दुल्लाह अंसारी, अबू सईद ख़िदरी, अब्दुल्लाह बिन ज़ुबैर, अनस बिन मालिक, अबू हुरैरा, अबू मूसा, और सबसे मशहूर अब्दुल्लाह बिन अब्बास क़ुरआन की तफ़सीर में मशग़ूल थे। तफ़सीर में उन का तरीक़ ए कार […]

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    शिया मुफ़स्सेरीन और उनके मुख़्तलिफ़ तबक़ात का तरीक़ ए कार

    Rate this post जिन गिरोहों के मुतअल्लिक़ पहले ज़िक्र किया गया है कि वह अहले सुन्नत के तबक़ात के मुफ़स्सेरीन से ताअल्लुक़ रखते हैं और उन का तरीक़ ए कार एक ख़ास रविश पर मबनी है जो शुरु से ही तफ़सीर में जारी हो गई थी और वह है अदाहीसे नबवी का सहाबा केराम और […]

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    पैग़मबरे अकरम (स) और आईम्मा (अ) के बयानात के हुज्जत होने के मअना

    Rate this post क़ुरआन मजीद के अपने सबूत के मुताबिक़ पैग़म्बरे अकरम (स) और आप के अहले बैत (अ) का बयान जैसा कि पिछले बाबों में आया है क़ुरआनी आयात की तफ़सीर में हुज्जत रखता है। यह हुज्जत पैग़म्बरे अकरम (स) और आईम्म ए अहले बैत (अ) की ज़बानी वाज़ेह बयान के मुतअल्लिक़ है और […]

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    क़ुरआने मजीद ने क्यों दो तरीक़ों यानी ज़ाहिरी और बातिनी तौर पर बयान फ़रमाया है?

    Rate this post 1. इंसान ने अपनी ज़िन्दगी में जो कि सिर्फ़ दुनियावी और आरेज़ी ज़िन्दगी है, अपनी हयात का ख़ैमा एक बुलबुले की तरह माद्दे (material) से उसका हमेशा वास्ता है। उसके अँदरुनी और बेरुनी हवास भी माद्दे और माद्दियात (materialism) में मशग़ूल हैं और उसके अफ़कार भी महसूस मालूमात के पाबंद हैं। खाना, […]

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    क़ुरआने मजीद में मोहकम व मुतशाबेह मौजूद है

    Rate this post ख़ुदा वंदे तआला अपने कलामे मजीद में फ़रमाता है: क़ुरआन ऐसी किताब है जिसकी आयात बहुत मोहकम (पुख़्ता, सिक़ह) हैं। सूरह हूद आयत 1 और फिर फ़रमाता है: अल्लाह तआला ने बेहतरीन बात (अल्फ़ाज़, क़ुरआन) नाज़िल फ़रमाई है जिसकी आयात आपस में मुशाबेह और शबीह और दो दो हैं। इस किताब के […]

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    मुफ़स्सेरीन और उलामा की नज़र में मोहकम और मुतशाबेह के मआनी

    Rate this post उलामा ए इस्लाम के दरमियान मोहकम और मुतशाबेह के मआनी में बहुत ज़्यादा इख़्तिलाफ़ मौजूद है और उन मुख़्तलिफ़ अक़वाल में तहक़ीक़ से इस मसले के बारे में तक़रीबन बीस अक़वाल मिल सकते हैं। अवायले इस्लाम से लेकर आज तक जो मसला मुफ़स्सेरीन के लिये क़ाबिले क़बूल रहा है वह यह है […]

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    वलीद बिन मुग़ीरा का क़िस्सा

    Rate this post जिन लोगों को क़ुरआने मजीद ने चैलेंज किया था उसमें से एक वलीद बिन मुग़ीरा था जो उस ज़माने में अरब के दरमियान फ़िक्र व तदब्बुर के लिहाज़ से बहुत मशहूर था । एक दिन उसने पैग़म्बरे इस्लाम (स) से कहा कि क़ुरआन की चंद आयात पढ़िये, हुज़ूरे अकरम (स) ने सुर […]

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    उलूमे क़ुरआन का परिचय

    Rate this post लेखक- गुलज़ार अहमद जाफ़री अनुवादक- सैय्यद क़मर ग़ाज़ी क़ुरआने करीम ज्ञान पर आधारित एक आदर्श किताब है।परन्तु इसके भाव हर इंसान नही समझ सकता। जब कि क़ुरआन अपने आश्य को समझाने के लिए बार बार एलान कर रहा है कि बुद्धि से काम क्यों नही लेते ? चिंतन क्यों नही करते ? […]

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    क़ुरआन और इल्म

    क़ुरआन और इल्म4 (80%) 2 vote[s] बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम क़ुरआन और इल्म क़ुरआन और इल्म के रिश्ते को समझने के लिए इतना काफ़ी है कि क़ुरआन आलमें इंसानियत की रहबरी के लिए आया है और आलमे इंसानियत का कमाल व जोहर इल्मो दानिश ही से खुलता है। क़ुरआन ने रसूले अकरम की बेसत की ग़रज़ ब्यान करते […]

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    क़ुरआन और सदाचार

    Rate this post लेखक- सैय्यद वजीह अकबर ज़ैदी अवनुवादक- कमरगाज़ी इस में कोई शक नही है कि सदाचार हर समय में महत्वपूर्ण रहा हैं। परन्तु वर्तमान समय में इसका महत्व कुछ अधिक ही बढ़ गया है। क्योँकि वर्तमान समय में इंसान को भटकाने और बिगाड़ने वाले साधन पूर्व के तमाम ज़मानों से अधिक हैं। पिछले […]

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    तफ़्सीर बिर्राय के ख़तरात

    Rate this post हमारा अक़ीदह है कि क़ुरआने करीम के लिए सब से ख़तरनाक काम अपनी राय के मुताबिक़ तफ़्सीर करना है।इस्लामी रिवायात में जहाँ इस काम को गुनाहे कबीरा से ताबीर किया गया है वहीँ यह काम अल्लाह की बारगाह से दूरी का सबब भी बनता है। एकहदीस में बयान हुआ है कि अल्ला […]

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    क़ुरआने करीम की तफ़्सीर के ज़वाबित

    Rate this post हमारा मानना है कि क़ुरआने करीम के अलफ़ाज़ को उनके लुग़वी व उर्फ़ी मअना में ही इस्तेमाल किया जाये,जब तक आयत में अलफ़ाज़ के दूसरे मअना में इस्तेमाल होने का कोई अक़्ली या नक़्ली क़रीना मौजूद न हो। (लेकिन मशकूक क़रीनों का सहारा लेने से बचना चाहिए और क़ुरआने करीम की आयात […]

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    क़ुरआन पैग़म्बरे इस्लाम (स.) का सब से बड़ा मोजज़ा है।

    Rate this post हमारा अक़ादह है कि क़ुरआने करीम पैग़म्बरे इस्लाम (स.) का सब से बड़ा मोजज़ा है और यह फ़क़त फ़साहत व बलाग़त, शीरीन बयान और मअनी के रसा होने के एतबार से ही नही बल्कि और मुख़्तलिफ़ जहतों से भी मोजज़ा है। और इन तमाम जिहात की शरह अक़ाइद व कलाम की किताबों […]

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    उलूमे क़ुरआन का इतिहास

    Rate this post मानवता के इतिहास में कोई ऐसी किताब नही मिलती जिसकी रक्षा और व्याख्या के लिए क़ुरआन के समान अत्याधिक प्रबन्ध किये गये होँ। क़ुरआन और उलूमे क़ुरआन के परिचय के लिए इस्लाम के प्रथम चरण में ही असहाबे रसूल, (वह लोग जो रसूल के जीवन में मुस्लमान हुए तथा रसूल के साथ […]

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    क़ुरआन नहजुल बलाग़ा के आईने में-1

    Rate this post लेख:मुहम्मद फ़ूलादी अनुवाद : सैयद नजमुल हसन नक़वी (यह मक़ाला हज़रत आयतुल्लाह मिस्बाह यज़दी और “क़ुरआन और आईन ए नहजुल बलाग़ा ”से एक इन्तेख़ाब है) (1) क़ुरआने करीम की अहमियत व मौक़ेईयत: इस वक्त क़ुरआन करीम ही एक आसमानी किताब है जो इन्सान की दस्तरस में है। नहजुल बलाग़ा में बीस (20)से […]

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    उलूमे क़ुरआन का संकलन

    Rate this post उलूमे क़ुरआन को एकत्रित करने का कार्य दूसरी शताब्दी हिजरी मे ही आरम्भ हो गया था। सबसे पहले हज़रत अली अलैहिस्सलाम के शिष्य अबुल असवद दौइली ने क़ुरआन पर ऐराब(मात्राऐं) लगाये। और फिर इनके एक शिष्य याहया बिन यअमर ने इल्मे तजवीद पर एक किताब लिखी। हसन बसरी ने क़ुरआन के नज़ूल […]

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    उलूमे क़ुरआन की परिभाषा

    Rate this post वह सब उलूम जो क़ुरआन को समझने के लिए प्रस्तावना के रूप में प्रयोग किये जाते हैं उनको उलूमे क़ुरआन कहा जाता है। दूसरे शब्दों में उलूमे क़ुरआन उलूम का एक ऐसा समूह है जिसका ज्ञान हर मुफ़स्सिर और मुहक़्क़िक़ के लिए अनिवार्य है। वैसे तो उलूमे क़ुरआन स्वयं एक ज्ञान है […]

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    इबादत सिर्फ़ अल्लाह से मख़सूस है

    Rate this post हमारा अक़ीदह है कि इबादत बस अल्लाह की ज़ाते पाक के लिए है। (जिस तरह से इस बारे में तौहीदे अद्ल की बहस में इशारा किया गया है)इस बिना पर जो भी उसके अलावा किसी दूसरे की इबादत करता है वह मुशरिक है, तमाम अंबिया की तबलीग़ भी इसी नुक्ते पर मरकूज़ […]

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    इंसान के जीवन पर क़ुरआने करीम के प्रभाव

    Rate this post क़ुरआने करीम विभिन्न प्रकार से इंसान के जीवन को प्रभावित करता है। जैसे क़राअत, हिफ़्ज़, फ़ह्म और अमल के द्वारा यह प्रभाव इंसान के व्यक्तिगत और समाजिक दोनो जीवनों पर पड़ता है।यहाँ पर हम इन प्रभावों का संक्षेप में उल्लेख कर रहे हैं। इंसान के व्यक्तिगत जीवन पर कराअत के प्रभाव 1- […]

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    रूस में “कुरान और आधुनिक विज्ञान” प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित

    Rate this post कुरानी गतिविधि समूह : रूस के प्रांत”Bnza” की मस्जिद “Kamynsk” में इमामों को ज्ञान और कौशल बनाने के लिए “कुरान और आधुनिक विज्ञान” प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किया गया ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) शाखा यूरोप के अनुसार यह प्रशिक्षण मुसलमानों के धार्मिक प्रशासन के सिर “Yvnkyn, की सदारत में प्रांत”Bnza” में सोमवार […]

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