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  •  नन्हे – मुन्ने शिशुओं की समस्याओ
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    नन्हे – मुन्ने शिशुओं की समस्याओ

    Rate this post आप का शिशु जब जन्म लेता है तो उसका मस्तिष्क सीखने के लिए तैयार होता है। जब वो आंखें खोलता है, उसकी बुद्धि अपने चारों ओर की चीज़ों को समझने के लिए तैयार हो जाती है। अब आप यह देखें कि इसमें आप उसकी किस प्रकार सहायता कर सकते हैं। शिशु का […]

  •  मां- बाप को बच्चों के साथ कैसे व्यवहार करना चाहिये
    मां- बाप को बच्चों के साथ कैसे व्यवहार करना चाहिये
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    मां- बाप को बच्चों के साथ कैसे व्यवहार करना चाहिये

    मां- बाप को बच्चों के साथ कैसे व्यवहार करना चाहिये5 (100%) 1 vote[s] कहते हैं कि सुकरात को फांसी देने से पहले उससे पूछा कि तुम्हारी सबसे बड़ी इच्छा क्या है? उसने उत्तर दिया मेरी सबसे बड़ी आकांक्षा यह है कि एथेन्स के सबसे ऊंचे स्थान पर जाऊं और ऊंची आवाज़ में लोगों से कहूं […]

  •  वचन पूरा करना
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    वचन पूरा करना

    Rate this post वचन को पूरा करना सभी को अच्छा लगता है। चाहे उसका संबंध किसी भी धर्म या जाति के व्यक्ति से हो। वादा या वचन का अर्थ होता है इंसान का अपने कहे हुए पर बाक़ी रहना और इसी प्रकार उसका दूसरा अर्थ दोस्ती पर बाक़ी रहना भी है। पति- पत्नी जिन चीज़ों […]

  •  पति और पत्नी के बीच सच्चाई का महत्व
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    पति और पत्नी के बीच सच्चाई का महत्व

    Rate this post सच्चाई एसी विशेषता है जिसे किसी व्यक्ति के जीवन के विभिन्न आयामों में दिखना चाहिए। साधारण शब्दों में यह कहा जा सकता है कि अपने भीतर पाई जाने वाली कमियों को स्पष्ट रूप में कहना सच्चाई है। सच्चाई केवल यह नहीं है कि केवल सच बोला जाए बल्कि इसकी एक स्पष्ट पहचान, […]

  •  एक दूसरे की अवगुणों को छिपाना
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    एक दूसरे की अवगुणों को छिपाना

    Rate this post यह बात अत्यंत आवश्यक है कि पति-पत्नी, अच्छी समझ-बूझ के लिए संयुक्त जीवन से बाहर एक दूसरे की बातों और रहस्यों को बयान न करें क्योंकि जीवन साथी की बातें दूसरों से बयान करने के बड़े नकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। राज़ या रहस्य का अर्थ होता है वह बात जो दिल […]

  •  संतुलित परिवार की विशेषताएं
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    संतुलित परिवार की विशेषताएं

    Rate this post अधिकांश विवाहित जोड़े बड़ी कल्पनाओं के साथ अपना नया जीवन आरंभ करते हैं। वे अपने जीवन को आदर्श बनाने के प्रयास में रहते हैं। इनमे से वास्तव में कुछ ही जोड़े सुखमई जीवन का अनुभव कर पाते हैं। यह जोड़े अपने विवाह के वर्षों बाद भी विवाह की वर्षगांठ को बहुत खुशी […]

  •  विवाह की आवश्यकता – 2
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    विवाह की आवश्यकता – 2

    Rate this post इससे पहले हमने कहा था कि विवाह एक पावन बंधन है और इंसान के व्यक्तिगत जीवन में उसका बहुत महत्व है। इस आधार पर स्वाभाविक , प्राकृतिक, धार्मिक और सामाजिक कारणों से विवाह मनुष्य के जीवन की एक आधार भूत आवश्यकता है। समाज शास्त्रियों और प्रशिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सही […]

  •  विवाह की आवश्यकता – 1
    विवाह की आवश्यकता – 1
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    विवाह की आवश्यकता – 1

    विवाह की आवश्यकता – 11 (20%) 1 vote[s] एक सफल विवाह के क्या मापदंड हैं। प्रश्न यह है कि एक सफल विवाह के लिए किन मापदंडों को ध्यान में रखना चाहिये। इसी तरह एक अच्छे जीवन साथी के चयन में किन किन बातों को ध्यान में रखना चाहिये? क्योंकि सफल विवाह ही एक स्वस्थ परिवार […]

  •  दांपत्य जीवन के सिद्धांत
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    दांपत्य जीवन के सिद्धांत

    Rate this post आदर्श या इस्लामी जीवन शैली में जिन बिन्दुओं पर बल दिया जाता है उनमें पारिवारिक संबंधों विशेष रूप से पति-पत्नी के बीच संबंधों का तर्कपूर्ण होना शामिल है। परिवार को नुक़सान पहुंचाने वाली मुसीबतों में से एक दूसरे से अतार्किक अपेक्षाएं व इच्छाएं रखना है। कभी कभी इन इच्छाओं व अपेक्षाओं के […]

  •  संतुलित परिवार में पति-पत्नी की कुछ विशेषताएं
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    संतुलित परिवार में पति-पत्नी की कुछ विशेषताएं

    Rate this post आपको याद होगा कि पिछले कुछ कार्यक्रमों में हमने विवाह के महत्व और उसके मानदंडों पर चर्चा की थी। विवाह मानव जीवन के महत्वपूर्ण विषयों मे से एक है। विवाह एक पवित्र बंधन हैं। विवाह परिवारिक और सामाजिक तथा आध्यात्मिक दृष्टि से एक बहुत ही महत्वपूर्ण बंधन है। निःसन्देह, वे लोग जो […]

  •  इस्लामी जीवन शैली में विवाह का मानदंड
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    इस्लामी जीवन शैली में विवाह का मानदंड

    Rate this post जैसा कि इससे पहले हमने इस बात का उल्लेख किया था कि शादी हर व्यक्ति की ज़िन्दगी की बहुत ही महत्वपूर्ण घटना है। इसलिए परिवार के गठन को स्वभाविक, बौद्धिक यहां तक कि धार्मिक एवं सामाजिक नज़र से भी मानव जीवन की ज़रूरत बताया गया है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि समाज […]

  •  परिवार का गठन
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    परिवार का गठन

    Rate this post अगर आपको याद हो तो पिछले कार्यक्रम में हमने कहा था कि ईश्वरीय धर्म इस्लाम की दृष्टि में परिवार का गठन बहुत महत्व रखता है। जनसंख्या की दृष्टि से यद्यपि परिवार बहुत छोटा समाज है परंतु एक अच्छे समाज के गठन के लिए इस्लाम ने परिवार के गठन पर विशेष ध्यान दिया […]

  •  महिला जगत
    महिला जगत
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    महिला जगत

    महिला जगत5 (100%) 1 vote[s] आइए आज के लिए जिएं मनुष्य का जीवन एक बहती हुई नदी की भॉंति है। जो भी उसमें क़दम रखता है उसका जीवन हर पल आगे बढ़ता रहा है। जीवन एक स्थाई परिवर्तन है और जो चीज़ निश्चित और स्थाई है वो हमारा “आज” है। हमें “आज” के लिए जीना […]

  •  दूसरों के साथ व्यवहार का महत्व
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    दूसरों के साथ व्यवहार का महत्व

    Rate this post इंसान के जीवन में दूसरों के साथ लेन देन बहुत महत्वपूर्ण विषय है। इंसान के सामाजिक जीवन को बेहतर बनाने में सामाजिक संबंध बहुत महत्वपूर्ण हैं। इंसान एक सामाजिक प्राणी है और सामाजिक होने की मांग यह है कि इंसान अपने सामाजिक दायित्वों को पहचाने और उसे ठीक तरह से अंजाम दे। […]

  •  आस पास और उसकी साज सज्जा
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    आस पास और उसकी साज सज्जा

    Rate this post एक क्षण के लिए आप अपनी आंखों को बंद करें और अपने मन में एक सुन्दर और मनोरम दृश्य कल्पना करें। उदाहरण स्वरूप हरा भरा बाग़, ऊंचे ऊंचे पर्वत और झर झर करते प्रकृति के आंचल में बहते हुए झरने और शांति से बहने वाली नदियां, नील गगन में उड़ते व इठलाते […]

  •  सफाई और सुन्दरता
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    सफाई और सुन्दरता

    Rate this post स्वाभाविक रूप से हर व्यक्ति सफाई और सुन्दरता को पसंद करता है जबकि वह बुरी चीज़ों से विरक्त है। सुन्दरता का अर्थ सुव्यवस्थित करना है और कभी समन्वय एवं तैयार होने के अर्थ में भी उसका प्रयोग होता है परंतु यह सारे अर्थ एक दूसरे से संबंधित हैं। क्योंकि सुसज्जित व सुन्दर […]

  •  स्‍वास्‍थ्‍यकर एवं स्वास्थ्य के महत्व
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    स्‍वास्‍थ्‍यकर एवं स्वास्थ्य के महत्व

    Rate this post स्‍वास्‍थ्‍य ऐसे कामों और गतिविधियों को कहते हैं कि जो किसी एक व्यक्ति या समाज की शक्ति और स्वास्थ्य एवं ऊर्जा में वृद्धि के लिए अंजाम दी जाती हैं। इन गतिविधियों में वह समस्त जानकारियां और शैलियां शामिल होती हैं जो व्यक्ति एवं समाज के स्वास्थ्य की सुरक्षा में प्रभावी होती हैं। […]

  •  ख़ुशी और प्रसन्नता के महत्त्व – 3
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    ख़ुशी और प्रसन्नता के महत्त्व – 3

    Rate this post पैग़म्बरे इस्लाम फ़रमाते हैं कि जो किसी मोमिन को खुश करे उसने मुझे खुश किया और जिसने मुझे खुश किया उसने ईश्वर को खुश किया” पैग़म्बरे इस्लाम का यह कथन और इस प्रकार की दूसरी रवायतें इस वास्तविकता की सूचक हैं कि इस्लाम की दृष्टि में एक बेहतरीन कार्य मोमिन को खुश […]

  •  ख़ुशी और प्रसन्नता के महत्त्व – 2
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    ख़ुशी और प्रसन्नता के महत्त्व – 2

    Rate this post हम सब की चाहत होती है कि हमारा जीवन सफ़ल एवं समृद्ध हो। ख़ुशियों से इन्सान को अपने जीवन में संतोष प्राप्त होता है। जीवन में ख़ुशियों की प्राप्ति एक ऐसा विषय है जिसमें अधिकांश लोगों को दिलचस्पी होती है। पिछली कड़ी में हमने स्थिर ख़ुशियों की प्राप्ति के कुछ मार्गों का […]

  •  ख़ुशी और प्रसन्नता के महत्त्व – 1
    ख़ुशी और प्रसन्नता के महत्त्व – 1
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    ख़ुशी और प्रसन्नता के महत्त्व – 1

    ख़ुशी और प्रसन्नता के महत्त्व – 11 (20%) 1 vote[s] ख़ुशियां मनुष्य को दुख दर्द और परेशानियों से मुक्त करती हैं। जो व्यक्ति भी स्वयं से कष्ट और दुख दर्दों को दूर करना चाहता है उसे इस बात की कदापि अनुमति नहीं देना चाहिए कि चिंताएं व निराशाएं उसकी आत्मा को दुखी करें और मन […]

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