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    ईरानी लोक साहित्य की एक अन्य विशेषता

    Rate this post लोक कथाओं की एक और दूसरी विशेषता, विषय-वस्तु का संक्षिप्त होना है। इस प्रकार की कथाओं में विशेषकर जो ऐतिहासिक दृष्टि से नई हैं, विषय-वस्तु अत्यधिक संक्षिप्त होती है। अस्कन्दर नामे या रुमूज़े हम्ज़ा जैसी किताबों कि जिनमें कथाओं की सामग्री अधिक है, बहुत ही महत्वपूर्ण घटनाओं को कुछ ही पंक्तियों में […]

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    व्यक्ति, बकरी और बेटे

    Rate this post प्राचीन काल में एक आदमी के पास एक बकरी थी, उसने एक दिन अपने छोटे से पुत्र से कहाः इस बकरी को चराने ले जाओ । लड़का बकरी को लेकर गया और रात तक चराता रहा। रात को पिता ने बकरी से पूछाः आज पेट भर कर खाया बकरी ने झूठ बोल […]

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    चालाक लोमड़ी

    Rate this post किसी समय एक गिद्ध और एक लोमड़ी में मित्रता हो गई। एक दिन लोमड़ी ने, जो लोगों को बहुत अधिक यातनाएं देती थी और बड़ी धूर्त थी, गिद्ध से कहा कि हे मेरे मित्र! तुम सदैव आसमान में उड़ते रहते हो और बादलों के अतिरिक्त किसी चीज़ को नहीं देखते। आओ मेरी […]

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    कव्वे और लकड़हारे की कहानी

    Rate this post एक बार की बात है कि एक गांव में एक ग़रीब लकड़हारा रहता था, वह प्रतिदिन जंगल से लकड़ी काट कर लाता और उन्हें बेचकर अपना और अपने परिवार का पेट पालता था। लकड़हारा बहुत गरीब लेकिन ईमानदार, दयालु और अच्छे चरित्र वाला आदमी था। वह हमेशा दूसरों के काम आता और […]

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    लोमड़ी और चक्कीबान – 2

    Rate this post हमने बताया था कि एक लोमड़ी आटे की चक्की पर चोरी करते पकड़ी गयी और जब उसने अपनी जान खतरे में देखी तो चक्की के मालिक से कहा कि यदि वह उसे छोड़ दे तो वह अपनी गलती सुधारेगी और उसका भला करेगी। लोमड़ी ने योजना बनायी और चक्की के मालिक को […]

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    लोमड़ी और चक्कीबान-1

    Rate this post    कहते हैं कि पुराने युग में एक चक्की वाला था कि जो लोगों के गेहूं पीसता था और मज़दूरी उसी आटे से ले लिया करता था कि जो वह पीसा करता था और उसे चक्की के एक कोने में इकट्ठा किया करता था। लेकिन हर दिन जब सुबह चक्की पर आता […]

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    तालीम

    Rate this post बच्चे का पहला स्कूल मां की गोद होती है और मां अपने बच्चे को अच्छी तालीम देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ती। तीन साल का बच्चा हुआ नहीं कि उसे स्कूल भेजना शुरु कर दिया जाता है। पैरेन्टस अपने बच्चे को अच्छे से अच्छे स्कूल में पढ़ाते हैं और चाहते हैं […]

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    क़ुराने मजीद

    Rate this post बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम क़ुराने मजीद क़ुरआन रब की ख़ास इनायत का नाम है। क़ुरआन नज़मो ज़बते शरीयत का नाम है। क़ुरआन एक ज़िंदा हक़ीक़त का नाम है। क़ुरआन ज़िंदगी की ज़रूरत का नाम है। क़ुरआन एक किताबे इलाही जहाँ में है। क़ुरआन के बग़ैर तबाही जहाँ में है। क़ुरआन किरदगार की रहमत का नाम […]

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    आप पैग़म्बर होने का दावा क्यों नहीं कर देते

    Rate this post बहमनयार अबू अली सीना के प्रसिद्ध शिष्य थे, एक बार उन्होने अपने गुरू के सामने यह प्रस्ताव रखा कि वह पैगम्बर होने का दावा कर दें। अबू अली सीना ने कोई उत्तर नहीं दिया। कुछ समय बीता, एक रात गुरू और शिष्य दोनों गहरी नींद सो रहे थे, रात भी बहुत ठंङी […]

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    एक दंपति के यहां लंबे समय के बाद संतान का जन्म

    Rate this post प्राचीनकाल की बात है एक दंपति के लंबे समय तक संतान नहीं हुई।  संतान की प्राप्ति के लिए उन्होंने अपना बहुत उपचार करवाया।  उपचार के पश्चात ईश्वन ने उन्हें एक पुत्र प्रदान किया।  उन्होंने अपने पुत्र का नाम माहेर रखा।  माहेर धीरे-धीरे बड़ा होने लगा।  एक दिन माहेर के पिता ने अपनी […]

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    आज का कथन

    Rate this post दरिद्रों से प्रेम व निकटता, ईश्वर से समीप होने का मार्ग है। पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम **** मोमिन के लिए ऐसी इच्छा रखना कितना बुरा है जो उसे अपमानित कर दे। इमाम हसन अस्करी अलैहिस्सलाम **** मैं पैग़म्बरे इस्लाम (स) का अन्तिम उत्तराधिकारी हू और ईश्वर मेरे कारण […]

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    सियार और गधा

    Rate this post     पुराने समय की बात है एक सियार एक बाग़ के पास रहता था। वह हर दिन दीवार में एक बड़े सूराख़ से बाग़ में प्रविष्ट हो जाता और बहुत से फल बर्बाद कर देता था। सियार की यह हरकत इतनी बढ़ गयी कि बाग़बान ने उसे पाठ सिखाने की ठान […]

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    राजा का दुःस्वप्न- 3

    Rate this post जैसा कि पिछली कड़ी में इस बात का उल्लेख किया कि पुराने समय में हीलार नाम का एक राजा राज करता था। उसने एक डरावना स्वप्न देखा और महल के ब्रमणनों को उसका अर्थ जानने के लिए बुलाया किन्तु ब्रहमणों ने राजा से शत्रुता के कारण स्वप्न का ग़लत अर्थ बता कर […]

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    राजा का दुःस्वप्न-2

    Rate this post प्राचीन समय में दूर स्थान पर हिलार नाम का एक राजा रहता था। उसने एक स्वप्न देखा परंतु महल में रहने वाले पंडितों व ब्राह्मणों ने राजा से शत्रुता के कारण उसके स्वप्न की व्याख्या अपनी इच्छानुसार किया और उसे अधिक डरा दिया। दरबार में रहने वाले ब्राह्मणों ने कहा कि स्वप्न […]

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    राजा का दुःस्वप्न -1

    Rate this post प्राचीन समय में हीलार नाम का एक राजा राज करता था। एक रात उसने बहुत डरावना स्वप्न देखा। घबरा कर उठा और इधर उधर देखने लगा। बहुत ही डरावना स्वप्न था जिससे वह घबराया हुआ था। उसे इस बात का डर सता रहा था कि सूरज निकलेगा तो क्या होगा। सोच रहा […]

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    संयम (सब्र) की अहमियत

    Rate this post कामों में सब्र की भूमिका, जिस्म पर सिर की तरह है कि अगर सिर, जिस्म से अलग हो जाए तो जिस्म बेजान हो जाता है उसी तरह अगर काम में सब्र न हो तो काम बर्बाद हो जाते हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम सब्र ही अहमियत कामों में सब्र का किरदार जिस्म पर […]

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    दुबला दरवेश

    Rate this post प्राचीन काल में दो दरवेश एक दूसरे के गहरे मित्र थे। उन दोनों के बीच इतनी घनिष्ठता थी कि लोग उनके बारे में कहते थे कि यह दो शरीरों में एक आत्मा के समान हैं। उनमें से एक मोटा और पेटू था तथा कभी भी उसका पेट नहीं भरता था किंतु दूसरा […]

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    जो स्वयं के लिए नापसंद करो उसे दूसरों के लिए भी पसंद न करो (1)

    Rate this post प्राचीन काल में एक नगर में एक बीमार व्यक्ति रहता था। अपनी बीमारी के कारण वह बहुत ही कमज़ोर हो चुका था। वह जो कुछ भी खाता-पीता था वह उसके बदन को नहीं लगता था। खाने के बावजूद वह दिन-प्रतिदिन कमज़ोर होता जा रहा था। उसके स्वास्थ्य की गिरती स्थिति को देखते […]

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    शन्ज़बे का अंजाम

    Rate this post पिछली कड़ी में हमने यह बताया था कि शन्ज़बे नामक गाय करवां से अलग होकर एक हरे भरे कछार में पहुंची। शन्ज़बे की दिमने नामक सियार के माध्यम से जो बहुत ही महत्वकांक्षी था, शेर से परिचित हुयी और यह परिचय दोनों के बीच गहरी मित्रता का आधार बनी यहां तक कि […]

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    शन्ज़बे

    Rate this post शन्ज़बे नामक गाय अपने कारवां से बिछड़ कर एक हरे भरे कछार पर पहुंच गयी और वहीं रहने लगी। शन्ज़बे को दिमने नामक एक गीदड़ ने जो बहुत ही बुद्धिमान व महत्वकांक्षी था, शेर से शन्ज़बे का परिचय कराया और यह परिचय उन दोनों के बीच गहरी मित्रता का आधार बनी यहां […]

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