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    ईर्ष्या का परिणाम- भाग 2

    Rate this post शन्ज़बे नामक बैल अपने गल्ले से अलग होकर एक हरे-भरे जंगल पहुंच गया और वहीं रह गया। एक दिन वह अनुकंपाओं से मस्त होकर अचानक चिल्लाया। उससे कुछ दूर पर खंड़े शेर ने जो कछार का शासक था, बैल की आवाज़ सुनी और चूंकी उसने आज तक ऐसी आवाज़ नहीं सुनी थी […]

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    ईर्ष्या का परिणाम

    ईर्ष्या का परिणाम2 (40%) 1 vote[s] भारी वर्षा हो रही थी और कारवां कठिनाई से आगे बढ़ रहा था। काफिले में एक शंज़बेह नामक बैल था कि जो थकन के कारण एक क़दम भी आगे नहीं बढ़ा सकता था। कारवां के स्वामी को अपने व्यापारिक सामान की चिंता थी, उसने निर्णय लिया कि बैल को […]

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    अक़्ल बड़ी या भैंस?

    Rate this post प्राचीन काल में एक राजा के चार बेटे और एक बेटी थी। बेटों में से एक बड़ा दुबला पतला, नाटा और कुरूप था। पिता सदैव अपने अन्य तीन पुत्रों पर गर्व करता था किंतु उस नाटे एवं कुरूप बेटे से अधिक प्रेम नहीं करता था बल्कि इस प्रकार का पुत्र होने पर […]

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    बुद्विमान मित्र

    Rate this post प्रस्तुत है फ़ार्सी भाषा की कहावत पर आधारित कहानी। आज की कहावत है। “दूस्ती बा मरदुम दाना नेकूस्त” कहते हैं कि एक बुद्विमानी व्यक्ति अपने घोड़े पर सवार कहीं जा रहा था। रास्ते में उसने एक हराभरा क्षेत्र देखा। उस स्थान को देखकर उसने स्वयं से कहा कि उचित होगा कि वह […]

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    पशु पक्षियों की भाषा-2

    Rate this post ईरान के प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार मौलवी की कहानी के अनुसार ईश्वरीय पैग़म्बर हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के काल में एक युवा ने उनसे अनुरोध किया था कि वे उसे पशु-पक्षियों की भाषा सिखाएं। हज़रत मूसा ने उसे नसीहत की और इस कार्य के दुष्परिणामों से उसको अवगत करवाया। उनके समझाने पर भी […]

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    पशु पक्षियों की भाषा-1

    Rate this post इतिहास के प्रख्यात कवि मौलाना रोम ने अपने दीवान मसनवी मानवी में एक कहानी बयान की है जो इस प्रकार है। एक युवा व्यक्ति हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के पास गया और उनसे पशुओं की भाषा सीखने का अनुरोध किया। हज़रत मूसा ने उसे इस काम से दूर रहने की नसीहत की ओर […]

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    आलस्य का फल!

    Rate this post पुराने समय की बात है हज़रत दाऊद नबी के काल में एक व्यक्ति रहता था जो आलस्य और सुस्ती के लिए बहुत बदनाम था। यह आलसी व्यक्ति किसी काम को हाथ नहीं लगाता था और दिन रात दुआ करता है कि हे ईश्वर बिना परिश्रम और कठिनाई के मुझे बहुत दौलत प्रदान […]

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    पक्षियों का राजा

    Rate this post पुराने समय की बात है, एक मोर जंगल से बाहर निकला और उस मार्ग पर चल पड़ा जो झील की ओर जाता था। उसने झील तक पहुंचने के लिए सुन्दर फूलों और वृक्षों से सजे रास्ते को तय किया। मोर ने जब पानी में स्वयं को देखा तो आश्चर्य चकित रह गया। […]

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    जल्दबाज़ी का फ़ैसला

    Rate this post एक जंगल में ईश्वर से भय रखने वाला और मोमिन एक सियार रहता था जिसका नाम शअहर था वह दूसरे सियारों की भांति नहीं था इसीलिए दूसरे सियार और लोमड़ियां उससे ईर्ष्या करते थे। शअहर की दयालुता की ख्याति जंगल के राजा शेर तक पहुंची। उसने शअहर को अपने घर निमंत्रित किया। […]

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    कारदानाह

    Rate this post कहते हैं कि एक बंदर था जो बंदरों का राजा था। उसका नाम कारदानाह था। परन्तु वह बूढ़ा और कमज़ोर हो चला था। उसमें अब युवा अवस्था वाली न तो फुर्ती ही थी और न ही उस समय की शक्ति। बंदरों के बीच एक बहुत ही चालाक, होशियार और अवसरवादी युवा बंदर […]

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    चूहै और कौवा

    Rate this post एक कौआ था जिसका घोंसला चूहे के बिल के निकट था। चूहै और कौवे की पुरानी शत्रुता के बावजूद कौवा, चूहे के साथ दोस्ती का बहुत इच्छुक था। इसका कारण यह था कि उसने चूहे के मित्रों के बारे में चूहे के त्याग को देखा था। एक दिन कौवा चूहे के बिल […]

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    शक्तिशाली राजा और हातिम ताई- (2)

    Rate this post पिछले अनुभाग में हमने बताया था कि प्राचीनकाल में एक शक्तिशाली राजा था जो बहुत ही धनवान और दानी था। इस राजा के नगर में, जिसे भी कोई आवश्यकता होती, वह उसके पास जाता और राजा अपनी कृपा तथा दया से आने वाले की समस्या का समाधान कर दिया करता था। यह […]

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    शक्तिशाली राजा और हातिम ताई (1)

    Rate this post कहते हैं कि प्राचीनकाल में यमन में एक शक्तिशाली राजा रहता था जो बहुत ही धनवान और दानी था। यमन में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसकी आवश्यकता की पूर्ति उस सदगुणी और दानी राजा ने न की हो। यमन में हर ओर इस देश के दानी शासक के दान-दक्षिणा की […]

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    पक्षी और शिकारी

    Rate this post पुराने समय की बात है एक पक्षी अच्छी जलवायु वाली जगह ढूंढ़ने के उद्देश्य से अपने मित्रों से अलग हो गया। वह एक हरे- भरे बग़ीचे में पहुंचा और रहने के लिए उसी स्थान को चुन लिया। पक्षी कुछ क़दम की दूरी पर एक शिकारी ने जाल बिछा रखा था और थोड़ा […]

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    मेहनती युवा

    Rate this post पुराने समय की बात है एक मेहनती, परिश्रमी और शक्तिशाली युवा था जिसके दिनचर्या बहुत कठिन गुज़र रहे थे। एक दिन उसने वैध रोज़ी कमाने के लिए दूसरे नगर की यात्रा का निर्णय किया। वह यात्रा पर जाने के लिए तैयार हुआ और यात्रा पर जाने के लिए अपने पिता के पास […]

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    मनोहर तीतर

    Rate this post पुराने समय की बात है एक पर्वातांचल में एक तीतर रहता था जो अन्य तीतरों से अधिक सुन्दर और आकर्षक था। वह इतना सुन्दर और आकर्षक था और इतने मनोहर ढंग से चलता था कि समस्त शिकारी उसे पकड़ने की कामना करते थे और शिकारी पक्षी भी उसके मांस से अपना पेट […]

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    मित्रता का फल

    Rate this post प्राचीन काल की बात है एक शहर में एक दुकानदार रहता था। वह सदाचारी और ईमानदार व्यक्ति था। अपनी इसी विशेषता से वह लोगों में जाना जाता था। वह दुकानदार कृपालु और अतिथि प्रेमी भी था। सदैव ही वंचितों और निर्धनों की सहायता करता था। एक दिन वह अपनी दुकान में एक […]

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    बुद्धिमान पत्नी (2)

    Rate this post पिछली कड़ी में आप क़ुली नामक व्यक्ति से परिचित हुए जो अपनी पत्नी के साथ रहता था मगर उसके कोई संतान न थी। बाप बनना उसकी सबसे बड़ी इच्छा थी और ईश्वर ने उसकी यह प्रार्थना सुन ली। जब उसे पता चला कि वह बाप बनने वाला है तो वह फूले नहीं […]

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    बुद्धिमान पत्नी (1)

    Rate this post प्राचीन काल में क़ुली नाम का एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ रहा करता था। उनका जीवन बड़ा शांत और अच्छा गुज़र रहा था। उनके जीवन में बहुत सी कहानियों की भांति केवल एक ही दुख था और वह था संतान का न होना। उनके विवाह को कई वर्ष बीत चुके थे […]

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    न्यायी राजा

    Rate this post पुराने समय की बात है एक राजा था जो बहुत ही न्यायी, ईमानदार और प्रजाप्रेमी था। उसके शासन काल में जनता बहुत ही प्रसन्न जीवन बिताती थी और किसी पर अत्याचार नहीं होता था। संयोग से एक वर्ष सूखा पड़ गया। सोतों के पानी सूख गए और नदियों में पानी का स्तर […]

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