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    पराई चूपड़ी

    Rate this post पुराने समय की बात है एक नगर में एक बहुत ही निर्धन व्यक्ति रहता था जिसका पेशा पानी भरना था। वह पानी भर कर बड़ी मुश्किल से इतना कमा पाता था कि अपना और अपने बच्चों का पेट भर सके। इस निर्धन पानी बेचने वाले के पास एक गधा था। उसका गधा […]

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    कंजूस व धोखेबाज़ व्यक्ति

    Rate this post पुराने समय की बात है एक व्यक्ति बहुत ही कंजूस था जिसने कभी किसी के साथ कोई सदकर्म नहीं किया था। वह सदैव धन इकट्ठा करने में लगा रहता, कम खाता और दूसरों की सहायता भी नहीं करता था। कंजूस व्यक्ति में बहुत सी बुराइयों के बावजूद एक अच्छी आदत भी थी […]

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    मोतियों का हार

    Rate this post अब्दुल्लाह ने अपने हीरे मोतियों पर एक नज़र डाली और उन पर हाथ फेरा। उन्हें वह कितना अधिक पंसद करता था। उनमें से कुछ मोती बड़े और सुन्दर थे जिन्हें अब्दुल्लाह प्रतिदिन कई बार थैली से निकालता था और देखता था और फिर से थैली में रख देता था। यह उसकी दैनिक […]

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    जैसी करनी वैसी भरनी

    Rate this post सड़क पर झाड़ू लगाने वाला नगर पालिका का एक कर्मचारी एक छोटी सी बच्ची को गोद में लिए दौड़ता हुआ अस्पताल में प्रविष्ट हुआ और नर्स से कहने लगाः इस बच्ची की सहायता करें, एक कार उसे मार कर चली गयी है। नर्स ने बच्ची को देखा और कहाः इसको आप्रेशन की […]

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    राजा की असाध्य बीमारी-2

    Rate this post पिछले कड़ी में हमने यह बताया था कि प्राचीन काल में एक शासक असाध्य रोग में ग्रस्त हो गया था। कोई भी वैध उसकी बीमारी को पहचान कर उसका उपचार नहीं कर सका। इसी बीच यूनान के एक अनुभवी चिकित्सक को राजा के उपचार के लिए दरबार में लाया गया। तै यह […]

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    लालची कवि

    Rate this post प्राचीनकाल मे एक कवि था जो विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया करता था। वह लोगों की प्रशंसा में कविताएं कहता और उसके बदले में उनसे पैसे लेता था। उसका जीवन इसी प्रकार से गुज़र रहा था किंतु जीवन कठिनाइयों में व्यतीत हो रहा था। एक बार वह व्यक्ति संयोगवश ऐसे गांव से […]

  • राजा की असाध्य बीमारी-१
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    राजा की असाध्य बीमारी-१

    राजा की असाध्य बीमारी-१5 (100%) 1 vote[s] प्राचीनकाल में एक राजा किसी असाध्य बीमारी में घिर गया। राजा की बीमारी का पता चलने के पश्चात उसके मंत्रियों और वैधों ने एक स्थान पर बैठकर राजा के उपचार के बारे में विचार-विमर्श किया। उन्होंने तै किया कि राजा के उपचार के लिए अच्छे से अच्छे वैध […]

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    मूर्ख व्यक्ति और तीन चालाक चोर

    Rate this post पुराने समय की बात है कि एक गांव में क़म्बर नाम का एक निष्कपट व भोला व्यक्ति रहता था। उसका नगर जाने का मन करने लगा और एक दिन सुबह के समय वह पैदल नगर की ओर चल पड़ा। सड़क के दोनों ओर ऊंचे-ऊंचे पेड़ लगे थे और क़म्बर सड़क के बीचो […]

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    युवक की लापरवाही से मरुस्थल में कारवां का लुटना

    Rate this post पुराने समय की बात है एक मरुस्थल में थका मांदा एक कारवां चला जा रहा था। कारवां में बहुत अधिक धन दौलत और मूल्यवान वस्त्र थे। जब सूर्यास्त हुआ और रात आ गयी तो कारवां पर्वतांचल में पहुंचा। कारवां में शामिल लोगों ने पर्वत से निकलने वाले सोते से पानी पिया और […]

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    उधार की ज़िन्दगी

    Rate this post पाठको! आज की कड़ी में एक ऐसे व्यक्ति की जीवन पर आधारित कहानी प्रस्तुत है जो बहुत निकम्मा था और अपना जीवन लोगों के उधार के पैसों पर बिताता था। प्राचीन काल में एक नगर में एक बहुत ही निर्धन व्यक्ति रहता था उसके पास दुनिया की कोई चीज़ नहीं थी। वह […]

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    नाई और रंगरेज़-4

    Rate this post पिछले कड़ी में हमने बताया था कि मिस्र के इस्कंदरिया नगर में अबू क़ीर और अबू सीर नामक दो व्यक्ति रहा करते थे जो एक दूसरे के मित्र थे। अबू क़ीर रंगरेज़ और अबू सीर नाई था। अबू क़ीर झूठा और धोखेबाज़ था जबकि अबू सीर सच्चा व्यक्ति था। मंडी में आने […]

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    नाई और रंगरेज़-3

    Rate this post पिछली कड़ी में हमने आपको बताया था सिकंदरिया नगर में दो मित्र अबूक़ीर रंगरेज़ और अबूसीर नाई रहते थे। अबूक़ीर एक धोकेबाज़ व झूठा आदमी था। किन्तु अबूसीर सुशील एवं सच्चा व्यक्ति था। बाज़ार में मंदी के कारण वे दोनों एक दूसरे शहर चले गए। यात्रा के दौरान अबूक़ीर खाता और सोता […]

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    नाई और रंगरेज़-2

    Rate this post मिस्र के इस्कंदरिया नगर में अबू क़ीर और अबू सीर नामक दो व्यक्ति रहा करते थे जो एक दूसरे के मित्र थे। अबू क़ीर रंगरेज़ और अबू सीर नाई था। अबू क़ीर झूठा और धोखेबाज़ था जबकि अबू सीर सच्चा व्यक्ति था। मंडी में आने वाली मंदी के कारण दोनों ने निर्णय […]

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    बदलाव, लेकिन किस क़ीमत पर?!

    Rate this post किसी समय एक जंगल के निकट एक घर में तीन भेंडें साथ-साथ जीवन व्यतीत करती थीं। इनमें से एक सफ़ेद रंग की थी, दूसरी भूरे रंग की और तीसरी काले रंग की। यह तीनों सदैव ही साथ-साथ रहा करती थीं। वे साथ-साथ घूमने जातीं। साथ-साथ खाने की तलाश में निकलती और इसके […]

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    नाई और रंगरेज़-1

    Rate this post पुराने समय की बात है मिस्र के इस्कंदरिया नगर में एक रंगरेज़ और एक नाई की दुकान एक दूसरे के बग़ल में थी। रंगरेज़ का नाम अबूक़ीर और नाई का नाम अबु-सीर था। अबु-क़ीर झूठा और मक्कार व्यक्ति था। वह रंगरेज़ी भलिभांति जानता था किन्तु झूठ और ग़लत मार्ग से अपना काम […]

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    जो स्वयं के लिए नापसंद करो उसे दूसरों के लिए भी नापसंद करो

    Rate this post पिछली कड़ी में आपने पढ़ा कि एक दुर्बल व कमज़ोर व्यक्ति चिकित्सक के पास गया। चिकित्सक ने उसकी नाड़ी (नब्ज़) पकड़ी और समझ गया कि उसे असाध्य बीमारी है और शीघ्र ही वह मर जाएगा। चिकित्सक ने रोगी को रोग न बताने की सोचते हुए उससे कहाः तुम्हें तो एक पुराना रोग […]

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    क़ुराने मजीद अदब

    Rate this post बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम क़ुराने मजीद अदब 1. क़ुरआन रब की ख़ास इनायत का नाम है। क़ुरआन नज़मो ज़बते शरीयत का नाम है। क़ुरआन एक ज़िंदा हक़ीक़त का नाम है। क़ुरआन ज़िंदगी की ज़रूरत का नाम है। क़ुरआन एक किताबे इलाही जहाँ में है। क़ुरआन के बग़ैर तबाही जहाँ में है। 1. क़ुरआन किरदगार की […]

  • नमाज़ की कहानियाँ
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    नमाज़ की कहानियाँ

    नमाज़ की कहानियाँ5 (100%) 1 vote[s] नमाज़ का अच्छा असर पैग़म्बरे इस्लाम (सल्लल्लाहो अलैहे वा आलिहि वसल्लम) नमाज़ को जमाअत के साथ क़ायम करते थे। मदीने का रहना वाला एक मुसलमान हमेशा आप के नमाज़ जमाअत से पढ़ा करता था लेकिन उस के साथ साथ गुनाह भी करता था। एर बार किसी ने आप से […]

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    छंटवा हिस्सा – नमाज़ के आदाब

    Rate this post 108- नमाज़ और लिबास रिवायात मे मिलता है कि आइम्मा-ए-मासूमीन अलैहिमुस्सलाम नमाज़ का लिबास अलग रखते थे। और अल्लाह की खिदमत मे शरफ़याब होने के लिए खास तौर पर ईद व जुमे की नमाज़ के वक़्त खास लिबास पहनते थे। बारिश के लिए पढ़ी जाने वाली नमाज़ (नमाज़े इस्तसक़ा) के लिए ताकीद […]

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    पाँचवा हिस्सा – नमाज़ के समाजी पहलू

    Rate this post 66-नमाज़ और शहादतैन हर नमाज़ की दूसरी रकत मे तशःहुद पढ़ा जाता है। जिसमे हम अल्लाह की वहदानियत (उसके एक होने) और हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि वसल्लम की रिसालत की गवाही देते हैं। हर रोज़ इंसान पर वाजिब है कि वह पाँच मर्तबा अल्लाह की तौहीद व हज़रत मुहम्मद […]

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