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    पर्दा ही नारी की सुंदरता है

    Rate this post भारतीय नारी तो नारीत्व का, ममता का, करुणा का मूर्तिमान रूप है और पश्चिम कि सभ्यता औरत को एक नुमाइश कि चीज़ समझती है. आज इसी पश्चिमी सभ्यता का अनुसरण करने वाला इंसान आज पढ़ा लिखा समझदार, प्रगतिवादी कहा जाता है. जनाब ए मरियम की तस्वीर आज तक  किसी ईसाई ने  खुले […]

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    विश्व की महिलाएं और विभिन्न विकल्प

    Rate this post इस समय महिलाएं सुरक्षित जीवन की दृष्टि से अतीत की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं। इस समय महिलाएं आर्थिक क्षेत्रों में उन्हें उचित शिक्षा सुविधा प्राप्त है और अधिकांश महिलाओं को मतदान का अधिकार भी मिल गया है। वर्तमान समय में कार्यरत महिलाओं के प्रतिशत में वृद्धि हुई है। विभिन्न देशों […]

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    इस्लामी जगत और महिला अधिकार

    Rate this post मानव समाज की आधी जनसंख्या के रूप में महिला को यद्यपि विदित रूप से दृष्टिगत रखा गया है तथा उनके अधिकारों और स्थान के बारे में बातें की जाती हैं किंतु महिलाओं को अभी भी बहुत सी चुनौतियों का सामना है। वर्तमान समय में बहुत से पश्चिमी देश महिलाओं के अधिकारों की […]

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    समाज में औरत का अहेम रोल

    Rate this post औरत के विषय को आज की दुनिया का एक महत्वपूर्ण विषय कहना चाहिये जो हर मुल्क, हर कल्चर, हर सुसॉईटी का विषय है लेकिन अफ़सोस की बात है कि आज तक किसी भी मुल्क और सुसॉइटी में इस विषय पर इस तरह बात नहीं की गई और उसे इस तरह बयान नहीं […]

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    संसार की सर्वश्रेष्ठ महिला हज़रत फ़ातेमा का शुभ जन्म दिवस

    Rate this post मुस्लिम समाज विश्व का दूसरा सब से बड़ा धार्मिक समाज है जो डेढ़ अरब जनसंख्या के साथ विस्तृत हो रहा है। वर्तमान युग में और नये अंतर्राष्ट्रीय परिवर्तनों के दृष्टिगत, इस्लामी समाज के एक महत्वपूर्ण अंग के रूप में मुसलमान महिलाओं को समाज में अधिक प्रभावशाली व सार्थक भूमिका निभाने की आवश्यकता […]

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    उदाहरणीय महिला 4

    Rate this post पुस्तकः पश्चाताप दया की आलिंग्न लेखकः आयतुल्ला अनसारीयान   وَضَرَبَ اللَّهُ مَثَلاً لِلَّذِينَ آمَنُوا امْرَأَةَ فِرْعَوْنَ إِذْ قَالَتْ رَبِّ ابْنِ لِي عِندَكَ بَيْتاً فِي الْجَنَّةِ وَنَجِّنِي مِن فِرْعَوْنَ وَعَمَلِهِ وَنَجِّنِي مِنَ الْقَوْمِ الظَّالِمِينَ   “वा ज़राबल्लाहो मसालन लिललज़ीन आमानू इम्रअता फ़िरऔना इज़ क़ालत रब्बिबने ली इनदका बैतन फ़ील जन्नते वानज्जेनी मिन फ़िरऔना […]

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    उदाहरणीय महिला 3

    Rate this post पुस्तकः पश्चाताप दया की आलिंग्न लेखकः आयतुल्ला अनसारीयान जी हाँ, यह कैसे सम्भव है कि ईश्वर को फ़िरऔन से, सत्य को झूठ से, प्रकाश को अंधकार से, सही को ग़लत से, परलोक को लोक से, स्वर्ग को नर्क से तथा शालीनता (सआदत) को बदबख्ती से परिवर्तित कर ले। आसिया ने अपने विश्वास […]

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    उदाहरणीय महिला 2

    Rate this post पुस्तकः पश्चाताप दया की आलिंग्न लेखकः आयतुल्ला अनसारीयान जबकि उसको इस बात का ज्ञान था कि इमान लाने के कारण उसकी सारी ख़ुशिया, स्थान छिन सकता है तथा उसके प्राण भी जा सकते है, परन्तु उसने हक़ को स्वीकार कर लिया और वह दयालु ईश्वर पर इमान ले आई, और उसने अपने […]

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    सियार और गधा

    Rate this post     पुराने समय की बात है एक सियार एक बाग़ के पास रहता था। वह हर दिन दीवार में एक बड़े सूराख़ से बाग़ में प्रविष्ट हो जाता और बहुत से फल बर्बाद कर देता था। सियार की यह हरकत इतनी बढ़ गयी कि बाग़बान ने उसे पाठ सिखाने की ठान […]

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    राजा का दुःस्वप्न- 3

    Rate this post जैसा कि पिछली कड़ी में इस बात का उल्लेख किया कि पुराने समय में हीलार नाम का एक राजा राज करता था। उसने एक डरावना स्वप्न देखा और महल के ब्रमणनों को उसका अर्थ जानने के लिए बुलाया किन्तु ब्रहमणों ने राजा से शत्रुता के कारण स्वप्न का ग़लत अर्थ बता कर […]

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    राजा का दुःस्वप्न-2

    Rate this post प्राचीन समय में दूर स्थान पर हिलार नाम का एक राजा रहता था। उसने एक स्वप्न देखा परंतु महल में रहने वाले पंडितों व ब्राह्मणों ने राजा से शत्रुता के कारण उसके स्वप्न की व्याख्या अपनी इच्छानुसार किया और उसे अधिक डरा दिया। दरबार में रहने वाले ब्राह्मणों ने कहा कि स्वप्न […]

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    राजा का दुःस्वप्न -1

    Rate this post प्राचीन समय में हीलार नाम का एक राजा राज करता था। एक रात उसने बहुत डरावना स्वप्न देखा। घबरा कर उठा और इधर उधर देखने लगा। बहुत ही डरावना स्वप्न था जिससे वह घबराया हुआ था। उसे इस बात का डर सता रहा था कि सूरज निकलेगा तो क्या होगा। सोच रहा […]

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    औरत इस्लाम की नज़र में (2)

    Rate this post इस्लाम इन्सान को मानवता, इन्सानियत, उसकी असलियत और आध्यात्मिकता की चोटी तक पहुँचाता है इसलिये इस्लाम की नज़र में मर्द और औरत में कोई अन्तर नहीं है। इस्लाम में मर्द होने या औरत होने की कोई हैसियत नहीं है बल्कि अस्ल हैसियत इन्सानियत की है। इस्लाम कभी मर्दों को सराहता है और […]

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    औरत इस्लाम की नज़र में (1)

    Rate this post अरब के उस ज़माने में जब हर तरफ़ जिहालत और गवार पन था और औरत सुसाइटी के लिये एक कलंक समझी जाती थी। रसूले इस्लाम स. नें आकर दुनिया को औरत की हैसियत   और उसकी श्रेष्ठता बताई और एक बेटी का इस तरह पालन पोषण किया कि वह दुनिया की सबसे […]

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    जल्दबाज़ी का नुक़सान

    Rate this post लोग जल्दबाज़ी के कारण बर्बाद होते हैं अगर लोग जल्दबाज़ी से दूर रहते तो कोई भी बर्बाद न होताः पैग़म्बरे इस्लाम लोग जल्दबाज़ी के सबब बर्बाद होते हैं अगर लोग जल्दबाज़ी से दूर रहते तो कोई भी बर्बाद न होताः पैग़म्बरे इस्लाम संयम (सब्र) की अहमियत कामों में सब्र की भूमिका, जिस्म […]

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    संयम (सब्र) की अहमियत

    Rate this post कामों में सब्र की भूमिका, जिस्म पर सिर की तरह है कि अगर सिर, जिस्म से अलग हो जाए तो जिस्म बेजान हो जाता है उसी तरह अगर काम में सब्र न हो तो काम बर्बाद हो जाते हैः हज़रत अली अलैहिस्सलाम सब्र ही अहमियत कामों में सब्र का किरदार जिस्म पर […]

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    दुबला दरवेश

    Rate this post प्राचीन काल में दो दरवेश एक दूसरे के गहरे मित्र थे। उन दोनों के बीच इतनी घनिष्ठता थी कि लोग उनके बारे में कहते थे कि यह दो शरीरों में एक आत्मा के समान हैं। उनमें से एक मोटा और पेटू था तथा कभी भी उसका पेट नहीं भरता था किंतु दूसरा […]

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    जो स्वयं के लिए नापसंद करो उसे दूसरों के लिए भी पसंद न करो (1)

    Rate this post प्राचीन काल में एक नगर में एक बीमार व्यक्ति रहता था। अपनी बीमारी के कारण वह बहुत ही कमज़ोर हो चुका था। वह जो कुछ भी खाता-पीता था वह उसके बदन को नहीं लगता था। खाने के बावजूद वह दिन-प्रतिदिन कमज़ोर होता जा रहा था। उसके स्वास्थ्य की गिरती स्थिति को देखते […]

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    शन्ज़बे का अंजाम

    Rate this post पिछली कड़ी में हमने यह बताया था कि शन्ज़बे नामक गाय करवां से अलग होकर एक हरे भरे कछार में पहुंची। शन्ज़बे की दिमने नामक सियार के माध्यम से जो बहुत ही महत्वकांक्षी था, शेर से परिचित हुयी और यह परिचय दोनों के बीच गहरी मित्रता का आधार बनी यहां तक कि […]

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    शन्ज़बे

    Rate this post शन्ज़बे नामक गाय अपने कारवां से बिछड़ कर एक हरे भरे कछार पर पहुंच गयी और वहीं रहने लगी। शन्ज़बे को दिमने नामक एक गीदड़ ने जो बहुत ही बुद्धिमान व महत्वकांक्षी था, शेर से शन्ज़बे का परिचय कराया और यह परिचय उन दोनों के बीच गहरी मित्रता का आधार बनी यहां […]

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