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    आइये फ़ारसी सीखे – 75

    Rate this post कार्यक्रम में हवाई मार्गों तथा ईरान में उड़ान की स्थिति की चर्चा करेंगे। वर्ष १९२३ में ईरानी युवाओं का एक गुट विमान चलाने का प्रशिक्षण लेने के लिए रूस और फ़्रांस गया था। ईरान मे जहाज़ के पहले कारख़ाने ने १९३५ में अपना कार्य आरंभ किया। उसके बाद वर्ष १९३८ में आधिकारिक […]

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    आइये फ़ारसी सीखे 74

    Rate this post गुलिस्तान की सैर गुलिस्तान, फ़ार्सी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है फूलों से भरा हुआ स्थान। गुलिस्तान नाम बताता है कि यह प्रांत हराभरा और सुन्दर है। मुहम्मद और रामीन, दोनों ही गुलिस्तान प्रांत के केन्द्रीय नगर गुरगान की यात्रा पर जा रहे हैं। वहां पर वे अपने एक मित्र […]

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    आइये फ़ारसी सीखे 73

    Rate this post ईरान के दो पड़ोसी देश तुर्की और आज़रबाइजान तुर्की ईरान के पश्चिमोत्तर में स्थित है और दोनों देशों के बीच व्यापक सांस्कृतिक व आर्थिक संबंध हैं और दोनों देशों की जनता मुसलमान है। तुर्की की जनता तुर्की इस्तांबुली और आज़रबाइजान की जनता तुर्की आज़री में बात करती है। ईरान के पश्चिमोत्तरी इलाक़े […]

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    आइये फ़ारसी सीखे 72

    Rate this post विदेश में ईरान के सांस्कृतिक विचार विमर्श वास्तव में ईरान का सांस्कृतिक विचार विमर्श केन्द्र, इस्लामी संपर्क व सांस्कृतिक संगठन से संबंधित संस्था है और ईरान से बाहर संस्कृति के क्षेत्र में अपनी मूल्यवान गतिविधियां अंजाम दे रहा है। इस सांस्कृतिक केन्द्र की महत्त्वपूर्ण गतिविधियां, ईरानी और इस्लामी संस्कृति व सभ्यता की […]

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    आइये फ़ारसी सीखे 71

    Rate this post इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी जिसने भी ईरान का नाम सुना होगा वह इमाम ख़ुमैनी के नाम से अवश्य ही परिचित होगा। वह विश्व की बड़ी धार्मिक हस्ती और राजनेताओं में गिने जाते थे। उनका पूरा नाम रूहुल्लाह मूसवी ख़ुमैनी था। उनका जन्म ईरान के केन्द्र में स्थित ख़ुमैन नगर […]

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    आइये फ़ारसी सीखे – 69

    Rate this post ईरान के दो पड़ोसी देश तुर्की और आज़रबाइजान तुर्की ईरान के पश्चिमोत्तर में स्थित है और दोनों देशों के बीच व्यापक सांस्कृतिक व आर्थिक संबंध हैं और दोनों देशों की जनता मुसलमान है। तुर्की की जनता तुर्की इस्तांबुली और आज़रबाइजान की जनता तुर्की आज़री में बात करती है। ईरान के पश्चिमोत्तरी इलाक़े […]

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    आइये फ़ारसी सीखे – 68

    Rate this post हमारे इस कार्यक्रम का साथी मुहम्मद ईरान छोड़कर जा रहा है। वह अपने देश में फ़ारसी भाषा व साहित्य पढ़ायेगा। अभी उसके साथ आए हैं उसे विदा करने के लिए। मुहम्मद का हर मित्र के उसके लिए उपहार लाया है और मुहम्मद इस प्रेम से बहुत प्रसन्न हुआ। उन्होंने विश्वविद्यालय के बेहतरीन […]

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    आइये फ़ारसी सीखे – 67

    Rate this post जैसा कि आपको याद होगा कि इस कार्यक्रम श्रंखला की सभी कड़ियों में मोहम्मद हमारे साथ रहे हैं। वे तेहरान विश्वविद्यालय में फ़ार्सी साहित्य के विद्यार्थी थे और हाल ही में उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की है। मोहम्मद का इरादा है कि अपने देश वापस लौटकर शिक्षा संस्थानों में फ़ार्सी भाषा पढ़ाएं। […]

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    आइये फ़ारसी सीखे – 66

    Rate this post मोहम्मद ने अपना अंतिम सिमेस्टर भी पूरा कर लिया और उसकी क्लासें ख़त्म हो गई हैं। मोहम्मद ने अपने एक शिक्षक की सहायता से ईरान के कवियों के बारे में एक लेख लिखा है। अब मोहम्मद की इच्छा है कि इन लेखों का अपनी मातृभाषा में अनुवाद करे ताकि दो महान ईरानी […]

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    आइये फ़ारसी सीखे – 65

    Rate this post ईरान के एक शोध व उपचार केन्द्र “रोयान” से परिचित यह ईरान में बांझपन के उपचार का एक प्रसिद्ध केन्द्र है और बहुत से लोग उपचार के लिए यहां आते हैं। “रोयान” उपचार केन्द्र आधुनिकतम चिकित्सा सुविधाओं से सम्मन्न है और पूरे विश्वास से कहा जा सकता है कि पूरे विश्व में […]

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    आइये फारसी सीखे – 64

    Rate this post तेहरान की दो बड़ी सुरंग १) रिसालत: इसका उदघाटन वर्ष २००६ में हुआ था। यह सुरंग रिसालत राजमार्ग पर स्थित है। २) तौहीद: इसका उदघाटन वर्ष २००९ में हुआ था और यह सुरंग चमरान राजमार्ग को नव्वाब सफवी राजमार्ग को जोड़ती है। इंजीनीरियंग की दृष्टि से यह दोनों सुरंगे बहुत विकसित हैं […]

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    आइये फारसी सीखे – 63

    Rate this post आपको याद होगा कि हामिद तवक्कुली दवा बनाने का एक डाक्टर है। हामिद और मोहम्मद दवा बनाने और ईरान में इस उद्योग की स्थिति के बारे में एक दूसरे से वार्ता करते हैं। इस समय वे जड़ी- बूटी और उसके उत्पाद के क्षेत्रों व केन्द्रों के बारे में वार्ता करना चाहते हैं। […]

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    आइये फारसी सीखे – 62

    Rate this post दवा और ईरान में दवा बनाने की कम्पनियां इस्लामी क्रांति से पहले ईरान अपने प्रयोग की केवल २५ प्रतिशत दवाओं का निर्माण करता था और प्रयोग की अधिकांश दवाएं दूसरे देशों से आयात होती थीं परंतु सौभाग्य से इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद ईरान में दवा बनाने के उद्योग में असाधरण […]

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    आइये फारसी सीखें – 61

    Rate this post तज़हीब अर्थात सोने से लिखना या चित्र बनाना सुलेखन से संबंधित ही एक कला है तथा अनेक स्थानों पर इन दोनों का प्रयोग एक साथ ही होता है। तज़हीब का शाब्दिक अर्थ है सोने का काम, कि जो ख़ूबसूरत एवं सुन्दर चित्रों का संग्रह होता है। कलाकार धार्मिक ग्रंथो, ऐतिहासिक पुस्तकों, साहित्यिक […]

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    आइये फारसी सीखें – 60

    Rate this post ईरानी मिठाइयां अधिकांश धार्मिक समारोहों में अतिथियों के सत्कार के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के व्यंजन और मिठाइयां बनाई जाती हैं। पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्ललाहो अलैहे वआलेही वसल्लम के शुभ जन्म दिसव के अवसर पर आयोजित समारोह में मुहम्मद और उसके मित्र रामीन ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का आरंभ […]

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    आइये फारसी सीखें – 59

    Rate this post मुहम्मद और उसका मित्र, गुलिस्तान प्रांत से अलबुर्ज़ श्रंखला के मध्य बने मार्ग से लौट रहे हैं। टेढ़े मेढ़े हेराज़ पर्वतीय मार्ग में मधुमक्खी के अनेक छत्ते मौजूद हैं और रास्ते के किनारे बनी दुकानों में मधु के छोटे बड़े डिब्बों को देखा जा सकता है। मधुमक्खी के छत्तों को देखकर मुहम्मद […]

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    आइये फारसी सीखें – 58

    Rate this post मुहम्मद और रामीन अपने संयुक्त मित्र सादिक़ के निमंत्रण पर गुलिस्तान प्रांत की यात्रा पर गए हैं। गुलिस्तान प्रांत, ईरान के उत्तर में है और उन तीन प्रांतों में से एक है जो कैस्पियन सागर के किनारे स्थित है। गुलिस्तान प्रांत, हराभरा है और यहां पर झरने, घने जंगल, जलकुंड, सुन्दर-सुन्दर गांव […]

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    आइये फारसी सीखें – 57

    Rate this post ईरान के हरेभरे प्रांतों में से एक प्रांत गुलिस्तान की सैर गुलिस्तान, फ़ार्सी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है फूलों से भरा हुआ स्थान। गुलिस्तान नाम बताता है कि यह प्रांत हराभरा और सुन्दर है। मुहम्मद और रामीन, दोनों ही गुलिस्तान प्रांत के केन्द्रीय नगर गुरगान की यात्रा पर जा […]

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    आइये फारसी सीखें – 56

    Rate this post पवित्र रमज़ान के महीने में रोज़ा रखने वाला ईश्वर का अतिथि होता है। इस मेहमानी में ईश्वरीय कृपा व विभूतियों की वर्षा होती है और यह कल्याण के इच्छुक लोगों के मन में गहरा परिवर्तन लाती है। पवित्र रमज़ान में मुसलमान तड़के से सूर्यास्त तक खाने-पीने सहित कुछ दूसरी वर्जित चीज़ों से […]

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    आइये फारसी सीखें – 55

    Rate this post तुर्कमेनिस्तान गणराज्य और आर्मेनिया गणराज्य, 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद यह दोनों देश स्वतंत्र हुए। तुर्कमेनिस्तान के लोग तुर्कमेन भाषा बोलते हैं और वहां की अधिकांश जनसंख्या मुस्लिम है, और ऑर्थोडॉक्स ईसाइ अल्पसंख्या में हैं। आर्मेनिया में आर्मेनियाई ईसाइ बहुसंख्या में हैं और आर्मेनियाई भाषा बोलते हैं। ईरान में […]

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